कैंडिडेट ने ली हाईकोर्ट की शरण, MDS यूनिवर्सिटी वीसी सहित तीन को नोटिस | Candidate took refuge in High Court, notice to three including MDS University VC

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अजमेर31 मिनट पहले

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भूपेन्द्रसिंह चाैहान। - Dainik Bhaskar

भूपेन्द्रसिंह चाैहान।

महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय के एलएल.एम परीक्षा 2019 में सबसे ज्यादा मार्क्स होने के बावजूद मेरिट लिस्ट से नाम बाहर करने को लेकर कैंडिडेट ने हाईकोर्ट की शरण ली है। मेरिट लिस्ट में नाम जोड़ने को लेकर कैंडिडेट ने सिविल रिट-पीटीशन प्रस्तुत की और हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार व परीक्षा नियंत्रक को नोटिस जारी किए।

यूनिवर्सिटी का दीक्षान्त समारोह 15 फरवरी को होगा और इसके मेडल दिए जाएंगे। इसके लिए यूनिवर्सिटी ने मेरिट लिस्ट जारी की। ज्यादा मार्क्स होने के बावजूद नाम नहीं होने पर कैंडिडेट भूपेन्द्रसिंह चौहान ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को शिकायत की, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए नाम शामिल करने से इनकार कर दिया। ऐसे में अब कैंडिडेट ने हाईकोर्ट की शरण ली।

कैंडिडेट का कहना है कि इन नियमों के बारे न तो इम्प्रूवमेन्ट का फार्म भरते समय जानकारी दी गई और न ही वेबसाइट पर ऐसे किसी नियम का उल्लेख है। मनमर्जी से नियम लगाकर नाम बाहर किया गया। अब इस मामले की सुनवाई 15 फरवरी को होगी।

मदस विवि प्रशासन को दी थी शिकायत

फ्रेण्डस कॉलोनी, – रेल्वे द्वितीय प्रवेश द्वार के पास, तोपदड़ा, अजमेर निवासी भूपेन्द्र सिंह चौहान पुत्र दल्ला सिंह चौहान ने कुलपति को भेजी शिकायत में बताया कि एलएल.एम. प्रथम वर्ष परीक्षा-2018 में विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण किया, जिसमें 600 में से 392 अंक प्राप्त किए। एलएल.एम. द्वितीय वर्ष की परीक्षा-2019 में उत्तीर्ण की गई जिसमें 600 में से 397 अंक प्राप्त हुए। ऐसे में प्रथम वर्ष व द्वितीय वर्ष के कुल 1200 में से 789 अंक प्राप्त किए। विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित होने वाले दीक्षान्त समारोह वर्ष 2023 के तहत एलएल. एम. वर्ष 2019 की प्रथम दस वरीयता सूची में सर्वाधिक 789 अंक प्राप्त होने के बावजूद कम अंक प्राप्त करने वालों का नाम सूची में अंकित कर प्रथम दस की वरीयता सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित की गई है। एलएल. एम. पार्ट -द्वितीय वर्ष 2019 में सर्वाधिक अंक 789 प्राप्त होने के पश्चात भी नाम वरीयता सूची में अंकित नहीं है। अत: नाम जोड़ा जाए।

भूपेन्द्र सिंह चौहान की शिकायत पर यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक ने जवाब दिया कि एल.एल.एम. परीक्षा 2019 की जारी योग्यता सूची में वरीयता क्रम से प्रथम दस स्थानों पर उन्हीं पात्र अभ्यर्थियों के नाम वर्णित किए हैं जो विश्वविद्यालय के नोटिफिकेशन में दर्शाए नियमों के अनुसार पात्रता पूर्ण करते हैं। आपने एल.एल.एम. परीक्षा 2019 के साथ पार्ट-प्रथम के दो विषयों / प्रश्न पत्रों में अंक सुधार के लिए पुनः परीक्षा (द्वितीय अवसर ) में प्रविष्ठ हुए हैं, जो कि नोटिफिकेशन के नियम 4 के अनुसार योग्यता सूची में नाम जोडे जाने के लिए पात्र नहीं हैं।

15 फरवरी को होगा दीक्षान्त समारोह

महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय का दसवां दीक्षान्त समारोह 15 फरवरी को आयोजित होगा। समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति व राज्यपाल कलराज मिश्र करेंगे। विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री राजेन्द्रसिंह यादव होंगे। समारोह में 174 स्वर्ण पदक एवं 5 कुलाधिपति स्वर्ण पदक कुल 179 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। 16 जुलाई 2018 से 31 जनवरी 2023 तक 183 विद्या वाचस्पति की उपाधि धारियों को उपाधि प्रदान की जाएगी I

हाईकोर्ट में प्रस्तुत कर देंगे पक्ष-परीक्षा नियंत्रक
इस सम्बन्ध में बात करने पर परीक्षा नियत्रंक सुब्रतो दत्ता का कहना रहा कि भूपेन्द्रसिंह चौहान का नाम मेरिट लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। क्योंकि इम्प्रू करने के लिए एक पेपर में वो दो बार एपियर हुआ और ऐसे में यूनिवर्सिटी नियमों के मुताबिक ऐसे स्टूडेंट का नाम मेरिट लिस्ट में शामिल नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट से नोटिस मिला है और यूनिवर्सिटी अपना पक्ष प्रस्तुत कर देगी।

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