35 डिग्री से ज्यादा तापमान में रबी की फसलों के खराब होने का बढ़ा खतरा | Increased risk of damage to rabi crops in temperatures above 35 degrees

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जैसलमेर40 मिनट पहले

जैसलमेर। नहरी इलाके में खड़ी रबी की फसल।

जैसलमेर में फरवरी महीने में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तापमान 35 डिग्री से ऊपर ही जा रहा है। ऐसे में लोग अभी से परेशान हैं वहीं नहरी इलाके के किसान बहुत ज्यादा चिंतित है। जिले के नहरी इलाकों में लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण नहरी किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी हैं। फरवरी महीने के बीच में ही दिन का तापमान 35 से लेकर 37 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। ऐसे में किसानों को फसलें खराब होने की आशंका ने घेर लिया है। किसानों का कहना है कि खरीफ की फसलें अधिक बारिश के कारण खराब हो गई थी और अब रबी की फसलें लगातार बढ़ रहे तापमान से प्रभावित हो सकती हैं।

रबी की फसलों पर मंडराया गर्मी का खतरा

जैसलमेर जिले में रबी की सरसों, चना, जीरा व इसबगोल की फसलों पर गर्मी का प्रभाव पड़ने लगा है। मौजूदा मौसम चक्र में एक महीने पहले ही तेज धूप पड़ने से फसलों की बढ़ौतरी रुक गई है। 5-7 दिन पहले चली तेज हवाओं ने फसलों में फूलों को काफी तादाद में खराब कर दिया और अब लगातार बढ़ रहे तापमान से रबी की फसलों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

नहरी क्षेत्रों के किसानों का कहना है कि नहरी इलाके में दीपावली के बाद बिंजाई शुरू की थी लेकिन तापमान के कारण फसलों में अंकुरण नहीं होने के कारण उन्हें दुबारा बिंजाई करनी पड़ी, जिससे किसानों को दोहरा आर्थिक भार झेलना पड़ा। अब जबकि सरसों, चना व जीरा की फसलों में अभी फूल लगने शुरू हुए हैं, ऐसे में बढ़ रही गर्मी से किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ झलक रही हैं।

उनका कहना है कि फसलों के बुवाई के समय भी तापमान अधिक होने के कारण फसलें देर से बोई थी लेकिन इस साल बढते तापमान ने किसानों को धोखा दिया है। जिससे फसलें प्रभावित हो रही है। इस साल क्षेत्र में अच्छी बारिश होने व नहरों से पर्याप्त पानी मिलने पर किसानों ने जमकर बुवाई की थी लेकिन पहले अंकुरण नहीं होने व अब पछेती बिंजाई तापमान की भेंट चढ रहीं है।

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