2 मिनट देरी पर एक्जाम में अभ्यर्थियों को नहीं दिया प्रवेश, हंगामा | Uproar in SBK College during examination, police complaint

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जैसलमेरएक घंटा पहले

जैसलमेर। पुलिस और छात्र संघ अध्यक्ष जसवंत सिंह में होती बहस।

एक्जाम सेंटर में समय के बाद भी प्रवेश देने की बात पर कॉलेज प्रेसिडेंट और पुलिस के बीच बहस हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि हाथापाई की नौबत आ गई। एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुर्सी उठाकर मारते दिख रहे है। मामला जैसलमेर के एसबीके पीजी कॉलेज का है।

परीक्षा केंद्र पर्यवेक्षक राजेश कुमार भाटिया ने अध्यक्ष जसवंत सिंह और लोकेंद्र सिंह के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। वहीं अध्यक्ष ने कॉलेज और परीक्षा करवाने वालों पर तानाशाही का रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। केवल 2 मिनट की देरी से आए अभ्यर्थियों को कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया गया।

वीडियो में कुर्सी फेंकते दिखे
मामले का एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें अध्यक्ष पुलिस से एक्जाम सेंटर में प्रवेश को लेकर झड़प करते दिख रहे है। पुलिस के नहीं मानने पर वे कुर्सी लेकर गेट के पास जाते दिख रहे है।

एक्जाम में बाधा डालने की कोशिश
परीक्षा केंद्र पर्यवेक्षक राजेश कुमार भाटिया ने बताया कि कोटा विश्वविद्यालय की ओर से रविवार को आरकेसीएल की परीक्षा एसबीके कॉलेज में ली जा रही थी। परीक्षा के लिए महाविद्यालय में एंट्री का समय सुबह 8.30 से 9.30 तक तय था। इसके बाद किसी अभ्यर्थी को अंदर एंट्री नहीं थी। 9.30 बजे मेन गेट बंद कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि कुछ युवक जिनमें छात्र संघ अध्यक्ष जसवंत सिंह व लोकेंद्र सिंह शामिल थे। सुबह करीब 9.45 बजे पुलिस की मौजूदगी में कॉलेज का मेन गेट खोल कर अंदर घुस गए और परीक्षा सेंटर तक पहुंच कर चलती परीक्षा में बाधा पैदा की। उस समय पुलिस भी वहां मौजूद थी। उन्होंने बताया कि हमने पुलिस में इसकी शिकायत दे दी है।

पुलिस ने जांच की शुरू
कोतवाली थाना प्रभारी भवानी सिंह ने बताया कि एसबीके कॉलेज की तरफ से शिकायत दी गई गई जिसमें एसबीके कॉलेज प्रेसिडेंट जसवंत सिंह और एक अन्य का नाम शामिल है। शिकायत ले ली है और इस मामले की जांच सब इंस्पेक्टर सुरतान सिंह को सौंपी है। मामले को कोटा विश्वविद्यालय प्रशासन ने काफी गंभीरता से लिया है।

प्रेसिडेंट का कॉलेज प्रशासन पर आरोप
मामले में छात्र संघ अध्यक्ष जसवंत सिंह ने बताया कि वे 30 बच्चों को परीक्षा दिलवाने कॉलेज लेकर गए थे। परीक्षा शुरू होने से पहले वे पहुंच गए थे। पुलिस ने उनको अंदर भी लिया लेकिन कॉलेज प्रशासन ने अपना ईगो देखते हुए बच्चों के भविष्य के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने बताया कि इस दौरान उनके साथ पुलिस द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया जो सरासर गलत है।
उन्होंने बताया कि वे तो परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने के तयशुदा समय के बाद कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने देने की मांग कर रहा था।

अध्यक्ष जसवंत सिंह ने इस मामले में कॉलेज व परीक्षा आयोजित करवाने वाले जिम्मेदारों पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि केवल 2 मिनट की देरी से आए अभ्यर्थियों को कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया गया।

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