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करौली44 मिनट पहले
पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान 95 ग्राम स्मैक के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है।
हिंडौन सिटी के नई मंडी थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर नाकाबंदी के दौरान 95 ग्राम स्मैक के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तस्कर से देशी कट्टा भी बरामद किया है। पकड़े गए स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 10 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। आरोपी के खिलाफ कई थानों में एक दर्जन मामले दर्ज हैं और आरोपी पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित है।
एसपी नारायण टोगस ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना पर हिंडौन-महुआ मार्ग स्थित महू पुलिस चौकी पर नाकाबंदी की जा रही थी। इस दौरान एक युवक बाइक पर संदिग्ध अवस्था में आता दिखाई दिया। जिसे पुलिस ने रोककर पूछताछ की। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम राजबहादुर उर्फ राज कसाना (23) पुत्र भरत सिंह निवासी नाहिडा थाना सलेमपुर जिला दौसा हाल निवास अग्रसेन कॉलेज के पास किशन नगर हिंडौन सिटी बताया। आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास 95 ग्राम स्मैक, एक अवैध देशी कट्टा, 2 जिंदा कारतूस और दो मोबाइल बरामद हुए। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह करीब 2 साल से स्मैक तस्करी काम कर रहा है। वो वीरेंद्र पुत्र हिम्मत सिंह निवासी भूरी का पूरा बनकी के साथ मध्य प्रदेश निवासी लाला पठान नामक युवक से स्मैक खरीद कर लाते हैं। आरोपी से व्हाट्सएप और फोन कॉल के जरिए स्मैक मंगवाते हैं। जो ट्रेन से हिंडौन सिटी लेकर आता है। जहां उसे पैसे देकर वो एक बार में 200-300 ग्राम स्मैक खरीदते हैं। इसके बाद स्मैक को रविंद्र उर्फ रेबू पुत्र राजवीर निवासी बाजना फाटक के पास हिंडौन, धीरज पुत्र महेंद्र सिंह निवासी हिसामडा थाना वैर जिला भरतपुर, भोला पुजारी निवासी हिंडौन के जरिए अनिकेत पुत्र रज्जू बेनीवाल जाट की सराय, नीरज बेनीवाल पुत्र ऊंकार सिंह, कुलदीप पुत्र गोविंद जाट निवासी महू इब्राहिमपुर के पास बेचने के लिए सप्लाई करता है। आरोपी के खिलाफ करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं। जिनमें 10 मुकदमे एनडीपीएस एक्ट में है। आरोपी पिछले 6 महीने से फरार चल रहा था। आरोपी पर जिला पुलिस द्वारा 5 हजार रुपए का इनाम घोषित है।
अनिकेत, नीरज और कुलदीप स्मैक की पुड़िया पीने वाले और बेचने वालों को हिंडौन और आसपास के गांव में उपलब्ध कराते हैं। स्मैक की पुड़िया बेचने वाले से पैसे नीरज, अनिकेत, कुलदीप, रविंद्र, धीरज और भोला को देते हैं। रविंद्र, धीरज और भोला पुजारी पैसा लाकर राजबहादुर को देते हैं। राजबहादुर स्मैक बेचने के बदले नीरज, अनिकेत, कुलदीप, रविंद्र, धीरज, भोला पुजारी को कमीशन देता है। स्मैक के काम में खतरा होने की वजह से सुरक्षा के लिए वो अपने पास हमेशा हथियार रखता है।
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