मारवाड़ी घोड़ों का कद बढ़ा; विभाग का पैमाना 62 इंच, घोड़े 64 इंची हुए | The height of Marwari horses increased; Department’s scale is 62 inches, horses are 64 inches

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जयपुर24 मिनट पहलेलेखक: प्रेरणा साहनी

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पशुपालन मंत्रालय ने अपना पैमाना (62 इंच तक) में बदलाव नहीं किया है। - Dainik Bhaskar

पशुपालन मंत्रालय ने अपना पैमाना (62 इंच तक) में बदलाव नहीं किया है।

ब्रीड स्टेंडर्ड 2006 में तय हुए, 2023 तक अच्छी देखरेख और खान-पान से 4 इंच तक बढ़ी मारवाड़ी घोड़ों की औसत ऊंचाई, अब पैमाने में बदलाव की मांग
मार्च में जयपुर के राजस्थान पोलो क्लब ग्राउंड पर रॉयल मारवाड़ी जयपुर हॉर्स शो होगा। इसमें मारवाड़ी नस्ल के घोड़ों का हॉर्स शो व प्रतियोगिता होगी। इससे पहले ब्रीडर्स मारवाड़ी नस्ल के पैमानों को सुधारने की गुहार लगा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि बेहतर पोषण, देख-रेख, माहौल और एक्सरसाइज के कारण मारवाड़ी घोड़ों का कद बढ़ गया है। इसलिए उनकी ऊंचाई का मापदंड 62 से 64 इंच के बीच होना चाहिए।

पशुपालन मंत्रालय ने अपना पैमाना (62 इंच तक) में बदलाव नहीं किया है। ब्रीड स्टेंडर्ड की पिछली मीटिंग 2006 में हिसार स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इक्वाइन्स में हुई थी, जिसमें तय किए गए मापदंडों को बदलने की जरूरत महसूस की गई क्योंकि अमूमन पैमानों को रिवाइज करते वक्त सरकार स्टेकहोल्डर्स को शामिल नहीं करती।

हॉर्स शो में पहली बार- कुछ खास रंगों के मारवाड़ी घोड़ों को हिस्सा लेने दिया जाएगा, जिन्हें अमूमन प्रतियोगिता से बाहर रखा जाता है। सभी घोड़ों को ग्लैंडर्स बीमारी की निगेटिव रिपोर्ट लानी होगी। जजेस सर्टिफिकेशन के लिए जजेस क्लिनिक भी होगा, जिसमें इंटरनेशनल इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन की जज जारा पॉली वर्कशॉप लेंगी। हॉर्स शो जज करने वाले केंद्रीय और राज्य सरकारों के पशु चिकित्सकों को न्यौता दिया है, क्योंकि अमूमन हॉर्स शो के जजमेंट में गाय, भैंसों और डॉग्ज के चिकित्सक आते हैं।

मारवाड़ी हॉर्स ब्रीड की 16 ब्लड लाइन्स पर रिसर्च हो : डूंडलोद
इंडिजिनस हॉर्स सोसाइटी ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष रघुवेंद्र सिंह डूंडलोद ने बताया कि जनवरी 2023 में हिसार में नेशनल कॉन्फिडरेशन ऑफ इंडिजिनस हॉर्स सोसाइटी के सेमीनार में ब्रीड का कद बढ़ने की जानकारी सामने आई थी। उनकी ऊंचाई का मापदंड 58-64 इंच होना चाहिए। चम्बी घोड़ों को प्रतियोगिता से बाहर रखा जाता है, जबकि कलर टेस्टिंग से उनके जीन्स की मैपिंग संभव है।

कुछ ब्रीडर्स ने मारवाड़ी ब्रीड की 16 ब्लड लाइन्स की बात सामने रखीं, जिनपर रिसर्च की जानी चाहिए। अच्छी बात यह है कि मारवाड़ी घोड़ा पहला एशियन घोड़ा है जिसकी जीनोम मैपिंग 2014 में हुई। ब्रिटिश घुड़सवार फ्रेंसिस्का कैली ने इनका रिकॉर्ड रखने के लिए 1995 में मारवाड़ी ब्लडलाइन ग्रुप बनाया। राजस्थान में 500 मारवाड़ी घोड़ों की डीएनए प्राेफाइल और पासपोर्ट बन चुके हैं। इक्वाइन एडवाइजरी कमेटी के चेयरपर्सन डॉ.वीरेन्द्र सिंह ने बताया- 200 साल पहले तक मारवाड़ी घोड़े अच्छी कद-काठी के थे, तभी युद्ध में 100-150 किलो वजन उठा पाते थे। अब उनका कद 70 इंच छू रहा है। नस्ल में बदलाव के ट्रेंड की स्टडी कर नए पैमानों का प्रस्ताव पशुपालन मंत्रालय को भेजेंगे।

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