पूर्व में कलक्टर कई दिन तक बंगले में रहे, ACB ने किया था ट्रैप | In the past, the collector stayed in the bungalow for several days, ACB did the trap

author
0 minutes, 4 seconds Read
Spread the love

[ad_1]

अलवर10 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
एसपी तेजस्वनी गौतम रिलीव। - Dainik Bhaskar

एसपी तेजस्वनी गौतम रिलीव।

अलवर SP तेजस्वनी गौतम तबादले के तुरंत बाद रिलीव हो गई हैं। रात को तबादले की सूची आई और अगले दिन दोपहर में ही रिलीव हो गई। अब वे बीकानेर में एसपी की कुर्सी संभालेंगी। 10 महीने पहले अलवर के पूर्व कलक्टर का तबादला होने के कई दिन बाद तक वे बंगले में रहे थे। जिनकाे बाद में एसीबी ने कलक्टर के बंगले से ही 5 लाख रुपए की रिश्वते मामले में ट्रैप किया था। इस कारण एसपी के तबादले के तुरंत बाद रिलीव होने की अलवर में चर्चा है। जबकि अभी नए एसपी ने पद भार नहीं संभाला है।

IAS अधिकारी और अलवर के पूर्व कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो( ACB) की टीम ने को 5 लाख रुपए की रिश्वत के मामले में गिरफ्तारकिया था। IAS अफसर पहाड़िया के साथ ही ACB ने एक RAS अफसर अशोक सांखला और दलाल नितिन शर्मा को भी गिरफ्तार किया था। नन्नूमल पहाड़िया का तबादला होने बाद भी वे कलक्टर हाउस में रुके हुए थे।

पूर्व कलक्टर नन्नूमल पहाड़िया को अलवर कलक्टर हाउस से एसीबी गिरफ्तार कर लेकर गई थी।

पूर्व कलक्टर नन्नूमल पहाड़िया को अलवर कलक्टर हाउस से एसीबी गिरफ्तार कर लेकर गई थी।

23 अप्रैल 2022 को हुए थे ट्रैप

ACB को शिकायत मिली थी कि पूर्व कलक्टर नन्नूमल पहाड़िया कंस्ट्रक्शन कंपनी से हर महीने 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगता है। पिछले 4 महीने के 16 लाख रुपए मासिक बंदी मांगी गई थी। बाद में टीम ने 23 अप्रेल को IAS नन्नूमल पहाड़िया को कलक्टर के सरकारी के आवास से ही गिरफ्तार किया था। उससे कई दिन पहले ही कलक्टर का तबादला हो चुका था। नए कलक्टर ने भी ज्वाइन कर लिया था। उसके बावजूद पहाड़िया सरकारी आवास में रुके हुए थे। तब यही चर्चा रही थी कि कलक्टर का तबादला होने बावजूद वे सरकारी आवास में रुके हुए हैं।

अब अलवर के नए एसपी आनंद शर्मा 18 फरवरी को कार्यभार संभालेंगे।

अब अलवर के नए एसपी आनंद शर्मा 18 फरवरी को कार्यभार संभालेंगे।

नए SP के लिए चुनौती, अपराध बढ़ा

अब अलवर आने वाले नए SP आनंद शर्मा के सामने अपराध ही सबसे बड़ी चुनौती है। असल में पिछले कई सालों में अलवर में अपराध तेजी से बढ़ा है। अलवर के अपराध पर बीजेपी को सरकार को घेरने का मौका भी मिल गया। मूक बधिर मामला हो या फिर मंदिर तोड़ने का मामला। इसके अलाव बानसूर के भूपसेड़ा में महिला के अंग कटे शव मिले। लेकिन उसका खुलासा नहीं हो सका। लोयती गांव में 13 साल के बालक का कंकाल मिला। लेकिन खुलासा नहीं हो सका।अलवर में व्यापारी के खाते से 20 लाख रुपए की ठगी हुई खुलासा नहीं हुआ। ऐसे अनेक संगीन मामले में हैं जिनमें पुलिस के हाथ खाली हैं। मूक बधिर मामले की आवाज विधानसभा तक उठी थी। एसपी ने पहले इसे गैंगरेप होने का अंदेशा जताया। फिर विधानसभा तक मामला उठा। तब सरकार ने एक्सीडेंट बता दिया था। इस मामले में अलवर बंद भी रहा था। पुलिस प्रशासन के खिलाफ खूब विरोध भी किया गया।

खबरें और भी हैं…

[ad_2]

Source link

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *