झाँसी/प्रयागराज।
सेंट मार्क्स स्कूल सोसायटी, झांसी से जुड़े मामले में एक बड़ा और गंभीर खुलासा सामने आया है। सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसायटीज एवं चिट्स, झांसी मंडल द्वारा जारी आदेशों और सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दी गई जानकारी के बावजूद 6 फरवरी 2026 को प्रयागराज में प्रस्तावित बैठक को पूरी तरह अवैध करार दिया गया है।
प्राप्त आधिकारिक दस्तावेज़ों के अनुसार सेंट मार्क्स सोसायटी की प्रबंध समिति वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए पंजीकृत नहीं है। सहायक रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया है कि संस्था से संबंधित प्रबंधन विवाद माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में विचाराधीन है, जिसके कारण वर्तमान में संस्था की कोई भी वैध अथवा प्रभावी प्रबंध समिति अस्तित्व में नहीं मानी जाती।
इसी क्रम में सोसायटी के सदस्य सोलोमन ब्राउन द्वारा दिनांक 31 जनवरी 2026 को जारी पत्र में आरोप लगाया गया है कि किरण मसीह द्वारा स्वयं को सचिव बताकर 6 फरवरी 2026 को प्रयागराज स्थित बिशप कार्यालय में बैठक बुलाना न केवल अवैध है, बल्कि यह हाईकोर्ट और रजिस्ट्रार के आदेशों की सीधी अवहेलना है।
पत्र में सभी सदस्यों से स्पष्ट अपील की गई है कि वे उक्त अवैध बैठक में किसी भी स्थिति में शामिल न हों। साथ ही चेतावनी दी गई है कि बैठक में भाग लेने वाले व्यक्तियों पर माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना के साथ-साथ आपराधिक कार्यवाही की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है।
सहायक रजिस्ट्रार द्वारा जारी एक अन्य आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब तक उच्च न्यायालय में लंबित रिट याचिकाएं संख्या 4092/2020 एवं 16695/2021 का अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक संस्था का कोई भी पदाधिकारी किसी प्रकार की बैठक, निर्णय या प्रशासनिक गतिविधि नहीं कर सकता।
इस पूरे मामले ने सेंट मार्क्स सोसायटी के संचालन और वैधानिक स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक स्तर पर मामले पर नजर रखी जा रही है और आदेशों की अवहेलना की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।