झाँसी/आकाश कुलश्रेष्ठ,
आर्य समाज मंदिर, प्रेम नगर नगरा में चल रहे अथर्ववेद परायण यज्ञ के षष्टम दिवस पर प्रातः की वेला में यज्ञाचार्य आचार्य श्री राम किशोर मेद्यार्थी जी ने अथर्ववेद के मंत्रों की आहुति दिलाते हुए बताया कि ऋषि दयानंद के ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश की प्रेरणा से ही सरदार भगत सिंह राजगुरु सुखदेव पंडित राम प्रसाद बिस्मिल ने देश की आजादी के लिए फांसी का फंदा गले लगाया ।
आज यज्ञ के यजमान अशोक सूरी एवं ममता सूरी शाम की वेला में नरेन्द्र नामदेव एवं शिवम् रहे l
जिला प्रधान राजेंद्र सिंह यादव ने कहा जब शहीदों को फांसी होना थी तब वह लोग भयभीत न होकर अपने अगले जीवन के प्रारब्ध के लिए यज्ञ एवं संध्या कर रहे थे।
जिला आर्य समाज की संरक्षिका श्रीमती शकुंतला यादव ने अपने भजन ( मारने वाला है भगवान बचाने वाला है भगवान, कल क्या होगा इसकी चिंता भगवान पर छोड़े) से सभी को रास्ता दिखाया ।
इस अवसर पर बृजमोहन शर्मा, आर के सिंह, ज्योती यादव, अरुणा यादव, शिखा, भारत सिंह यादव, चंदन सिंह यादव, सरदार इंद्रपाल सिंह, जगदीश शर्मा, रवि नारायण सारस्वत, आर एस भदौरिया, रमेश राय, महेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, हर प्रसाद यादव, संगीता यादव, उमा विश्वकर्मा, आरती श्रीवास्तव, बीना शर्मा, सुधा विश्वकर्मा, सविता यादव, प्रभा यादव, करुणा यादव, रामगोपाल आर्य, रेखा नामदेव, अवधेश राय, मुन्नी देवी, ओम देवी शर्मा, रामदेवी साहू, सुमन साहू, कस्तूरी साहू, उर्मिला साहू, विजय राम, राकेश नामदेव, राजपूत, अरुण सक्सेना आदि उपस्थित रहे।
संचालन जसवंत सिंह ने किया आभार इंजीनियर भारत सिंह द्वारा किया गया l